TBRAN ऑफ़र

TBRAN Hindi    20-Jun-2019
द ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन, एक ऐसी अंध-कल्याण संस्था जो अपने छात्रों को जो दृष्टिहीन, मंद-दृष्टी, बहरेएवं अंध हैं उन्हें बड़े पैमाने पर विकलांगता-विशिष्ट शैक्षिक सेवाएँ प्रदान करती है जहाँ शिक्षा की प्राथमिक जरूरतें उनकी दृष्टी हानि से संबंधित हैं। छात्रों, उनके परिवारों, स्थानीय शिक्षा एजेंसियों, पेशेवर और सामुदायिक संसाधनों के साथ साझेदारी में, T.B.R.A.N छात्रों को अपने स्कूलों, कार्यस्थलों और समुदायों में स्वतंत्रता के उच्चतम स्तर पर सम्मिलित होने के लिए तैयार करती है।
 

 
 
T.B.R.A.N एक विशेष स्कूल के रूप में अभिनव आदर्श कार्यक्रमों, मूल्यांकन तकनीकों, विचार-परामर्श, और तकनीकी सहायता, व्यावसायिक विकास, अनुसंधान, सिफारिश एवं प्रसार के माध्यम से दृष्टिहीनता की कम ज्ञात विकलांगताओं में अपना अधिकार क्षेत्र विकसित कर रही है।
 
कक्षा माध्यम से शिक्षा
T.B.R.A.N का प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय कक्षा में सामुदायिक निर्देशों के संयोजन के साथ शैक्षिक और कार्यात्मक कौशल शिक्षा प्रदान करते हैं। यहाँ ABRAR, रिकॉर्डर, कंप्यूटर जैसे आधुनिक उपकरणों का प्रयोग करते हुए से राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है । दृष्टिहीनों के लिए मुख्य रूप से आवश्यक ब्रेल ही यहाँ शिक्षा का माध्यम है जिसके जरिए छात्रों को उनकी उच्च विद्यालयीन शिक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार किया जाता है। समग्र विकास पर ज़ोर देते हमारी शिक्षा प्रणाली हुए इन छात्रों को सामान्य छात्रों के प्रतिस्पर्धी के रूप में खड़े होने एवं स्वयं को साबित करने में सक्षम बनाती है।
 
कौशल विकास कार्यक्रम
हमारे ब्लाईंड स्कूल का पूरा जोर दृष्टिबाधितों को आत्मनिर्भर बनाने तथा अपनी आजीविका अर्जित करने हेतु सक्षम बनाने पर है ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवनयापन कर सकें। २ से 4 वर्ष कि कालावधि के दौरान, कई कार्यशालाओं के माध्यम से छात्रों को विभिन्न व्यापारों से परिचित करते हुए व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है | उदाहरण के लिए कैनिंग, मसाज, स्टिचिंग, वैक्स-वर्क्स, प्लांट नर्सरी, पेपर प्लेट मेकिंग पेपर बैग मेकिंग आदि | इन कौशल विकास कार्यक्रमों में संभाषण कला , व्यक्तित्व विकास, परिवर्तनीयता के साथ-साथ संगीत, संगणक प्रशिक्षण, एवं विपणन (मार्केटिंग) तथा बिक्री कौशल भी सिखाया जाता है | दृष्टिहीनता के साथ आने वाली सीमाओं के साथ उनके लिए व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से जरुरी हो जाता है |
 
प्रशिक्षणार्थी अपने अर्थार्जन को लेकर एवं अपने कौशल के चलते इस स्पर्धात्मक दुनिया में कदम रखने के लिए आश्वस्त हो जाता है। T.B.R.A.N उन्हें सिलाई मशीन और अन्य उपकरण देकर अपना अर्थार्जन करने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए सहायता करती है |
 
छात्रावास की सुविधा
विद्यालय एवं कार्यशालाओं के सभी छात्रों के लिए खान-पान एवं रहन-सहन की अच्छी से अच्छी सुविधाएँ T.B.R.A.N द्वारा मुफ्त प्रदान की जाती हैं | चाय, नाश्ता, भोजन, हवादार कमरे, स्वच्छ परिसर, पीने योग्य पानी आदि का विशेष ध्यान रखा जाता है | छात्रावास की देखभाल और अनुशासित प्रबंधन के लिए वार्डन एवं कार्यवाहक भी नियत हैं । बीमारी की स्थिति में छात्रों को शीघ्र चिकित्सा एवं उपचार के साथ स्वस्थ भोजन, फल और धान भी दिया जाता है। इसी तरह छात्रों को पाठ्यपुस्तकों और स्लेट्स के साथ पढने के लिए विशेष स्पर्श संबंधित रीडिंग एड्स भी मिलते हैं | इसके अलावा संगीत के विभिन्न कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिक्षा, योग, खेल गतिविधियाँ, तथा मनोरंजक कार्यक्रमों के साथ यहाँ एक अद्ययावत पुस्तकालय भी संचालित है।
 
ब्रेल प्रिंटिंग
T.B.R.A.N में अद्ययावत ब्रेल प्रिंटर हैं, जिनसे दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिए बने शिक्षण संस्थानों के आदेश और आवश्यकता अनुसार पाठ्यक्रम के अलावा भी अन्य पुस्तकें मुद्रित की जाती हैं | इसमें कहानियों की किताबें, इतिहास की किताबें, धार्मिक पुस्तकें एवं अन्य साहित्य शामिल है | यह संसाधन सभी दृष्टिहीन लोगों के लिए उपलब्ध है। ब्रेल मुद्रण की यश विशिष्टता नागपुर शहर और उसके आसपास के इलाकों में दृष्टिहीनों के लिए एक बड़ी व्यापक सहायता है।
 
ई-बुक निर्माण केंद्र ( स्टूडियो )-
ABRAR ऑडियो बुक्स रीडर और रिकॉर्डिंग उपकरण इन दृष्टिहीनों अध्ययन के लिए एक सहायक माध्यम साबित हुआ है | यह उनके पाठ्यक्रम को रिकॉर्ड करता है और उसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। T.B.R.A.N के रिकॉर्डिंग स्टूडियो में क्वालिटी रिकॉर्डिंग एवं एडिटिंग आदि की सुविधा है। यहाँ चार स्वतंत्र स्टूडियो और एक सहभाजित स्टूडियो किसी भी चिप पर क्वालिटी रिकॉर्डिंग की सुविधा प्रदान करते हैं।
 
T.B.R.A.N का एकीकृत मुंडले इंग्लिश मीडियम स्कूल एवं नर्सरी स्कूल -
T.B.R.A.N ने १९९८ में सामान्य छात्रों के लिए अपने द्वार खोलते हुए मुंडले इंग्लिश मीडियम स्कूल की स्थापना की एवं २००६ में नर्सरी स्कूल की भी शुरूआत की | सभी आधुनिक अध्ययन सुविधाओं के साथ मुंडले इंग्लिश मीडियम स्कूल में विज्ञान , गणित जैसे विषयों के साथ खेल संगीत, नाटक, नृत्य जैसे जीवन के सभी क्षेत्रों की शिक्षा मिलती है | यहाँ सुसज्जित विज्ञान प्रयोगशाला, गणित प्रयोगशाला, समृद्ध पुस्तकालय, एवं अद्ययावत संगणक प्रयोगशाला भी है । यहाँ के सर्वभाव समर्पित एवं प्रशिक्षित कर्मचारियों ने स्कूल के शैक्षिक मानक को काफी ऊँचा किया है। शिक्षकों के प्रयास को पूरा न्याय देते हुए छात्रों ने भी शैक्षणिक, क्रीडा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाते हुए प्रशंसा हासिल की है। M.E.M.S अब नागपूर शहर का एक जाना-माना स्कूल बन गया है। इन दोनों ही स्कूलों का एसोसिएशन को आर्थिक स्थिरता देते हुए आत्मनिर्भर बनाने में बड़ा योगदान दिया है।
 
पुनर्वास केंद्र -
एसोसिएशन को चलाने की पूरी कवायद दृष्टिहीनों के पुनर्वास के लिए है। पुनर्वास केंद्र के इस उपक्रम में कई सामाजिक संगठन एवं सामाजिक कार्यकर्ता संस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर रहे हैं। पुनर्वास का दायरा केवल आजीविका कमाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में एक सम्मानजनक अस्तित्व तथा परिपूर्ण सामाजिक और पारिवारिक जीवन देने तक फैला हुआ है । संस्था इस लक्ष्य को काफी हद तक हासिल करने में सक्षम रही है।
१९२८ में स्थापना के बाद, ८९ वर्षों की अपनी यात्रा में संस्था को शुरुआत में ही माधवराव उर्फ ​​परमपूज्य श्री गोलवलकर गुरूजी तथा प्रद्यभारती श्रीधरराव वर्णेकर जैसे दो महान शिक्षकों के समर्पित सहभाग का सौभाग्य प्राप्त हुआ था । गुरुजी संस्थापक श्री वाडेगांवकर के निकटवर्ती थे और T.B.R.A.N के शुरुआती दिनों में वह अपनी साइकिल पर उनके साथ धन और पूँजी संग्रह हेतु जाया करते थे। संस्था के साथ जुड़े अन्य प्रख्यात हस्तियों में रावसाहेब ए आर बंबावाले, आचार्य दादा धर्माधिकारी, सर सोहराब मेहता, लेडी मनोरमाबाई तांबे , न्यायमूर्ति के.टी. मंगलमूर्ति, श्री एफ.पी. भगवाघर, श्री केबी.मदन, श्री के.एन.वाडेगांवकर, श्री एस.पी.विरकर, श्री. भैय्यासाहब मुंडले भी शामिल थे | इसी प्रकार कई सामाजिक संगठनों और राज्य सरकार द्वारा संस्था को दृष्टिहीन लोगों के प्रति निस्वार्थ सेवाओं के लिए पहचाना और सम्मानित भी किया गया है। दृष्टिहीनों के उत्थान में T.B.R.A.N का कार्य निश्चित ही प्रशंसनीय है |
 
तंत्रज्ञान की आधुनिकता एवं प्रगति के कारण हमारी जीवन शैली बदल रही है और महंगाई भी । यद्यपि संस्थान को सरकार से अनुदान प्राप्त
होता है, लेकिन जनभागीदारी के माध्यम से गुणात्मक सुधार और अधिक सुविधाएँ स्थापित की जा सकती हैं। दृष्टिहीनता एक बहुत गंभीर बाधा है जो सामाजिक सहानुभूति और मदद करने के लिए योग्य है। सभी को दृष्टिहीनों के जीवन को ऊंचा उठाने में मदद करनी चाहिए।
वित्तीय मामलों में पारदर्शिता एवं प्रामाणिकता के कारण संस्था प्रबंधन ने समाज और सरकारी एजेंसियों में विश्वसनीयता अर्जित की है तथा इसी कारण दृष्टिदाता इस नेक काम के लिए उदारता से दान करते हैं और अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी इसके लिए योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।