मिशन

TBRAN Hindi    20-Jun-2019
"दिव्यांगों की सहायता" हेतु श्री. रावसाहेब वामनराव वाडेगांवकर ने १९२८ में द ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन नागपुर (T.B.R.A.N.) की स्थापना की | पिछले ८५ वर्षों से यह संस्था दृष्टिहीनों (दृष्टी दिव्यांगों) की प्रगति और विकास का कार्य कर रही है |
 
संस्था का प्रमुख लक्ष्य एवं उद्देश्य दृष्टिहीनों के जीवन में आशा की किरण लाना है। संस्था इन दिव्यांगों के ज्ञान को समृद्ध करते हुए उन्हें एक सार्थक जीवन देने और समाज में उनकी प्रतिष्ठा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास को भी विकसित करने में भी कार्यरत है | दुनिया में कुछ महान व्यक्ति जैसे होमर, मिल्टन, सूरदास तथा संत गुलाबराव महाराज भी अपनी दृष्टि खो चुके थे और फिर भी वे एक असाधारण दूरदर्शी के रुप में प्रसिद्ध हुए|
 
स्वर्गीय श्री रावसाहेब वामनराव वाडेगांवकर भी ऐसे ही एक दूरदर्शी थे | अनन्यसाधारण उत्साह के साथ कार्य करते हुए उन्होंने देशभर में इस संस्था के माध्यम से दृष्टिहीनों के लिए समाज में आत्मनिर्भरता और प्रतिष्ठा की राह कायम कर दी | द ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन नागपुर (T.B.R.A.N.) – सामाजिक तथा आर्थिक रूप से वंचित दृष्टिहीन कर्मियों के लिए सक्रिय एवं सार्थक जीवन जीने के साधन खोजने में निरंतर प्रयत्नशील है |