अपील

TBRAN Hindi    20-Jun-2019
उदारता से दान करें ज़िंदगियाँ (जीवन) ज्योतिर्मय करने के कार्य में हमारा साथ दें
अपनी कार्य यात्रा में संस्था को कई महान तथा प्रख्यात हस्तियों का सहभाग प्राप्त हुआ है जैसे - माधवराव उर्फ ​​परमपूज्य श्री गोलवलकर गुरूजी तथा प्रद्यभारती श्रीधरराव वर्णेकर ( इन दो महान शिक्षकों ने शुरुआती दिनों में संस्था में समर्पित सहभाग दिया), रावसाहेब ए आर बंबावाले, आचार्य दादा धर्माधिकारी, सर सोहराब मेहता, लेडी मनोरमाबाई तांबे , न्यायमूर्ति के.टी. मंगलमूर्ति, श्री एफ.पी. भगवाघर, श्री केबी.मदन, श्री के.एन.वाडेगांवकर, श्री एस.पी.विरकर एवं श्री. भैय्यासाहब मुंडले |
 

 
 
विकलांगों की मदद करना विशेष रूप से भारत जैसे देश में हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है, जहाँ पूरी आबादी में एक प्रतिशत नागरिक दृष्टिहीन हैं । तंत्रज्ञान की आधुनिकता एवं प्रगति के कारण हमारी जीवन शैली बदल रही है और महंगाई भी । यद्यपि संस्थान को सरकार से अनुदान प्राप्त होता है, लेकिन जनभागीदारी के माध्यम से गुणात्मक सुधार और अधिक सुविधाएँ स्थापित की जा सकती हैं।
 
नियोजित विस्तार को संभव करने के लिए एवं दृष्टीहीनों की मदद करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु संस्था आपसे उदारता से दान करने की अपील करती है। शुरुआत से ही संस्था शुभचिंतकों की सहायता से अपना कार्य कर रही है और इसके लिए हम हमेशा ही उनके आभारी रहेंगे |
संस्था की सहायता निम्नलिखित प्रकार से की जा सकती है :
 
1) विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्तीय मदद।
2) दैनिक जरूरतों के लिए सामान के रूप में दान, फर्नीचर, खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक और संगीत उपकरण आदि।
3) संस्था की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी।
4) कार्यशाला में नए व्यापर व्यवसायों को पढ़ाना।
5) कार्यालयों में स्वरोजगार और नौकरियों की पेशकश के लिए सहायता।
6) छात्रों को विभिन्न कहानियाँ सुनाना , कहानी की किताबें पढ़ना और पढ़ाई में मदद करना।
7 ) दृष्टीहीन छात्रों को योगासन, प्राणायाम, या विभिन्न खेल सिखाना।
8) दृष्टीहीन छात्रों द्वारा कार्यशाला में बनाए गए सामानों की खरीद करके।
 
सहायता के लिए आगे बढ़ने वाले हर हाथ का स्वागत है | प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से सहायता कर सकता है | सहायता करने वाले हाथ हमेशा स्वागत है। T.B.R.A.N को दिए गए सहकार्य-दान पर धारा ८० जी के तहत आयकर से छूट दी गई है। सभी चेक और ड्राफ्ट "द ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन", नागपुर के नाम से तैयार किए जा सकते हैं।